18 अप्रैल 2016 - 04:54
आज शुरू होगी कुवैत में यमन शांति वार्ता।

कुवैत के उप विदेशमंत्री ने कहा कि यमन की एकजुटता के बारे में चर्चा का संबंध इस देश की जनता से है और यह यमनी पक्ष हैं जिन्हें यमन में एकता के लिए प्रयास करना चाहिये।

इस वार्ता के सफल होने के चिन्ह दिखाई दे रहे हैं। प्राप्त समाचारों के अनुसार ख़ालिद जारुल्लाह ने रविवार को यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के प्रवक्ता के उस बयान को सकारात्मक बताया है जिसमें उन्होंने कहा है कि अंसारुल्लाह यमन की क़ानूनी व चुनी हुई सरकार के हवाले हथियार करने के लिए तैयार है। कुवैत के उप विदेशमंत्री ने कहा कि यमन की एकजुटता के बारे में चर्चा का संबंध इस देश की जनता से है और यह यमनी पक्ष हैं जिन्हें यमन में एकता के लिए प्रयास करना चाहिये।
इसी मध्य यमन के मामलों में संयुक्त राष्ट्रसंघ के विशेष दूत ने यमनी पक्षों से मांग की है कि वे नई वार्ता में सद्भावना के साथ भाग लें और वर्तमान संकट के राजनीतिक समाधान के लिए स्वयं से लचक दिखायें। इसी बीच अंसारुल्लाह आंदोलन की ओर से कुवैत में वार्ताकार टीम के प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुस्सलाम ने वार्ता को सरल बनाने के लिए युद्ध के रोके जाने की मांग की है। आशा है कि यमनी पक्षों के बीच आज 18 अप्रैल को कुवैत में वार्ता आरंभ होगी। वार्ता का पहला दौर पिछले दिसंबर महीने में जनेवा में हुआ था परंतु सऊदी अरब के उल्लंघनों के कारण यह वार्ता विफल हो गयी थी।